रिपोर्ट-राजेश गुप्ता 6 जनवरी 2024
श्यामपुर- मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के “नशामुक्त देवभूमि मिशन 2025” को सफल बनाकर नशा तस्करी में लगाम लगाने एवं नशा तस्करों को सलाखों के पीछे भेजने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल द्वारा लगातार थाना प्रभारियों को कभी नरम तो कभी गरम मिजाज में आवश्यक दिशा-निर्देश देने के साथ-साथ मोटिवेट किया जा रहा है। इस मोटिवेशनल थ्योरी और डाइरेक्ट सुपरविजन के चलते हरिद्वार पुलिस बाखूबी नशा तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेज रही है।
थाना श्यामपुर प्रभारी नितेश शर्मा ने उच्चाधिकारियों के आदेशों के अनुपालन में कार्रवाई करते हुए अपने नेतृत्व में टीमें गठित कर विभिन्न स्थानों पर चैकिंग अभियान चलाया। परिणाम स्वरूप चौकी चण्डीघाट प्रभारी अशोक रावत और कांस्टेबल तेजेंद्र सिंह ने दौराने चैकिंग नजीबाबाद की तरफ से हरिद्वार की ओर आ रही एक सफेद रंग की आई-20 कार को रुकने का इशारा किया जो अचानक चिल्ला की तरफ भागने लगी।पुलिस टीम ने घेराबंदी करके कार को चीला रोड पर स्लाईडिंग बैरियर लगाकर पकड़ लिया,उक्त कार में चालक सहित 3 कार सवार मौजूद थे। तलाशी के दौरान उनके पास से 1 कि0ग्रा0 चरस बरामद हुई। पूछताछ पर पता चला कि तीनों तस्कर इस चरस को हल्द्वानी से खरीदकर लाए थे और ग्राफिक एरा कालेज देहरादून के स्टूडेंट्स को बेचने जा रहे थे। बरामद चरस के आधार पर अर्जुन मनारिया पुत्र पुष्पेंद्र कुमार निवासी हाउस नंबर दो छोटा भारूवाला देहरादून, तरुण बिष्ट पुत्र मदन बिष्ट के निवासी शक्ति फार्म सितारगंज उधम सिंह नगर और अक्षत रावत पुत्र गोपाल रावत निवासी दुर्गा विहार विकास नगर देहरादून के खिलाफ थाना श्यामपुर पर N.D.P.S. Act के तहत मुक़दमा पंजीकृत किया गया। थाना प्रभारी नितेश शर्मा ने बताया कि गिरफ्त में आए अर्जुन मनारिया का मर्चेंट नेवी में सलेक्शन हुआ था,केवल कॉल लेटर आना बाकी था। जबकि तरुण बिष्ट और अक्षत रावत दोनों ग्राफिक एरा कॉलेज में क्रमशः BBA और BCA के सेकेंड ईयर के छात्र हैं। पुलिस ने i20 sportz कार के अलावा एक लैपटॉप, तीन एप्पल मोबाइल, नगदी बरामद कर जब्ती कार्यवाही की। नितेश शर्मा ने बताया कि नशे के तस्करों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार अभियान जारी रहेगा, क्षेत्र में नशे को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। वहीं क्षेत्रीय नागरिकों द्वारा युवाओं की नसों में जहर घोलने से रोकने पर थाना श्यामपुर पुलिस की इस शानदार उपलब्धि पर मुक्त कंठ से सराहना की गई।
